करवा चौथ 2025: पति-पत्नी के प्यार का सबसे पवित्र व्रत कब है ये पूजा
करवा चौथ 2025 भारत में त्योहारों का देश कहा जाता है, और हर त्योहार का अपना एक अलग महत्व होता है। इन्हीं में से एक खास पर्व है करवा चौथ, जो सुहागिन महिलाओं के लिए सबसे पवित्र और भावनात्मक त्यौहार माना जाता है। इस दिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और अच्छे स्वास्थ्य की कामना करती हैं।vrat Pooja करवा चौथ अक्टूबर में 2025 में मनाया जाएगा ये पति पत्नी क्या प्यार का एक बहुत ही प्यारा पूजा है जिसको करवा चौथ के नाम से जानते है । नीचे देखो आखिर क्या बताया गया है जाने।

इस ब्लॉग में हम जानेंगे करवा चौथ कब है 2025 की तारीख, पूजा विधि, मुहूर्त, महत्व और व्रत की कहानी के बारे में विस्तार से।
करवा चौथ 2025 की तारीख और मुहूर्त:-
- तारीख: रविवार, 12 अक्टूबर 2025
- चतुर्थी तिथि प्रारंभ: 12 अक्टूबर को सुबह 6:20 बजे
- चतुर्थी तिथि समाप्त: 13 अक्टूबर को सुबह 4:10 बजे
- चंद्रोदय (चाँद निकलने का समय): रात 8:32 बजे (स्थान के अनुसार भिन्न हो सकता है
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इस वर्ष का करवा चौथ रविवार को पड़ रहा है, करवा चौथ मुहूर्त 2025 में जो बहुत ही शुभ माना जा रहा है। रविवार का दिन सूर्य देव से जुड़ा होता है, जिससे व्रत का फल कई गुना बढ़ जाता है।
करवा चौथ का धार्मिक महत्व :-
करवा चौथ व्रत कब है करवा चौथ का संबंध केवल पति-पत्नी के रिश्ते से नहीं, बल्कि परिवार की समृद्धि और स्नेह से भी है। इस दिन महिलाएं पूरे दिन निर्जला उपवास रखती हैं और शाम को चंद्रमा को अर्घ्य देकर व्रत खोलती हैं।
हिंदू परंपरा में यह माना जाता है कि इस व्रत को करने से पति की आयु बढ़ती है, जीवन में सुख-शांति आती है और दांपत्य जीवन मजबूत होता है।

करवा चौथ व्रत की पूजा विधि:- (Step by Step)
1. सुबह की शुरुआत
करवा चौथ पूजा विधि, सुबह सूर्योदय से पहले महिलाएं सर्गी खाती हैं, जो सास द्वारा दी जाती है। इसमें फल, मिठाई, मेवे और हल्का भोजन होता है।
2. व्रत संकल्प
सर्गी के बाद महिलाएं भगवान शिव-पार्वती और गणेश जी का ध्यान करके व्रत का संकल्प लेती हैं।
3. दोपहर की पूजा
दोपहर में महिलाएं करवा चौथ की कथा सुनती हैं। इस दौरान एक जगह बैठकर करवा, दीपक, पानी का लोटा और मिठाई रखी जाती है।
4. शाम की पूजा
शाम के समय सभी महिलाएं एकत्र होकर करवा चौथ की कथा सुनती हैं। कथा के बाद माता पार्वती और भगवान शिव की पूजा की जाती है।
5. चंद्रोदय के बाद
जब चाँद निकलता है, तो महिलाएं छलनी से चाँद को देखती हैं, फिर अपने पति के दर्शन करती हैं और पति के हाथ से पानी पीकर व्रत खोलती हैं।
करवा चौथ की कथा (Story of Karwa Chauth):-
करवा चौथ व्रत कथा प्राचीन कथा के अनुसार, एक सती महिला जिसका नाम करवा था, अपने पति की लंबी आयु के लिए व्रत रखती थी। एक दिन उनके पति नदी में स्नान करते समय मगरमच्छ के चपेट में आ गए। करवा ने अपनी दृढ़ निष्ठा और तपस्या से यमराज को रोक लिया और अपने पति का प्राण बचाया। तभी से यह व्रत “करवा चौथ” के नाम से प्रसिद्ध हुआ।

आधुनिक युग में करवा चौथ का महत्व:-
आज के समय में करवा चौथ केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, करवा चौथ का महत्व बल्कि प्यार और विश्वास का प्रतीक बन गया है। अब कई पति भी अपनी पत्नियों के साथ व्रत रखते हैं, जिससे समानता और स्नेह का संदेश मिलता है। हर शादी शुदा औरतों को या पूजा व्रत रहना चाहिए यह भारत देश की एक बहुत बड़ी परम्परा है ।
सोशल मीडिया के दौर में महिलाएं पारंपरिक साड़ी, लहंगा या सूट पहनकर अपने फोटो और वीडियो शेयर करती हैं। इससे यह पर्व और भी खास बन जाता है।
करवा चौथ 2025 पर उपहार सुझाव:-
अगर आप अपनी पत्नी या पति को कुछ खास देना चाहते हैं, तो यहाँ कुछ शानदार उपहार आइडियाज हैं:
- सुहाग किट (चूड़ी, बिंदी, साड़ी)
- चॉकलेट और फूलों का गिफ्ट बॉक्स
- ज्वेलरी या स्मार्टवॉच
- रोमांटिक डिनर डेट
- कस्टम फोटो फ्रेम या कपल पोट्रेट
करवा चौथ 2025 से जुड़ी टिप्स:-
- व्रत से पहले पर्याप्त पानी पिएं ताकि शरीर हाइड्रेट रहे।
- सर्गी में पौष्टिक और हल्का भोजन लें।
- पूजा सामग्री पहले से तैयार रखें।
- अपने जीवनसाथी के साथ समय बिताएं और एक-दूसरे के प्रति आभार जताएं।
निष्कर्ष:-
करवा चौथ 2025 केवल एक व्रत नहीं बल्कि प्यार, निष्ठा और आस्था का उत्सव है। यह त्योहार हमें सिखाता है कि सच्चा प्यार त्याग और विश्वास से बढ़ता है। जब पति-पत्नी एक-दूसरे के लिए समर्पित होते हैं, तब जीवन में हर दिन एक पर्व बन जाता है।
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