अमावस्या कब है 2025: दिसम्बर में एक प्राकृतिक ज्योतिषीय दिन और हिन्दू धर्म में इसका महत्व
अमावस्या कब है 2025 हिन्दू पंचांग के अनुसार हर माह के कृष्ण पक्ष की अंतिम तिथि को आती है — जब चंद्रमा आकाश में दिखाई नहीं देता और इसे न्यू मून (New Moon day) भी कहा जाता है। यह दिन भावनात्मक, आध्यात्मिक और धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।
अमावस्या का हिन्दू धर्म, संस्कार और तर्पण-दान के साथ गहरा संबंध है — विशेष रूप से पितरों की शांति (Pitru Tarpan) के लिए।

Q1.आज की खबर: पौष अमावस्या 2025
पौष अमावस्या 2025 हिन्दू पंचांग के अनुसार दिसंबर में मनाई जाती है। यह साल की अंतिम अमावस्या होती है और पितरों की शांति, तर्पण, दान-पुण्य के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। इस दिन लोग पवित्र नदी में स्नान कर तर्पण करते हैं, दान-पुण्य करते हैं और अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति की कामना करते हैं।
Q2.2025 में अमावस्या तिथियाँ (साल भर की)
निम्नलिखित सूची में 2025 वर्ष में आने वाली कुछ प्रमुख अमावस्या तिथियाँ दी जा रही हैं (स्थानिक पंचांग के अनुसार तिथि और समय थोड़ा अलग हो सकता है):

| महीना | अमावस्या तिथि एवं दिन |
|---|---|
| माघ अमावस्या | 29 जनवरी 2025 |
| फाल्गुन अमावस्या | 27 फरवरी 2025 |
| चैत्र अमावस्या | 29 मार्च 2025 |
| वैशाख अमावस्या | 27 अप्रैल 2025 |
| ज्येष्ठ अमावस्या | 26-27 मई 2025 |
| आषाढ अमावस्या | 25 जून 2025 |
| श्रावण अमावस्या | 24 जुलाई 2025 |
| भाद्रपद अमावस्या | 22-23 अगस्त 2025 |
| अश्विन अमावस्या | 21 सितंबर 2025 |
| कार्तिक अमावस्या | 21 अक्टूबर 2025 |
| मार्गशीर्ष अमावस्या | 19-20 नवंबर 2025 |
| पौष अमावस्या | 19-20 दिसंबर 2025 |
उपरोक्त तिथियाँ पंचांग आधारित हैं और स्थानीय समयानुसार थोड़ा बदल सकती हैं।
Q3.2026 में अमावस्या कब-कब पड़ेगी?
आने वाले वर्ष 2026 में भी प्रत्येक माह की अमावस्या आती है। प्रमुख तिथियाँ इस प्रकार हैं:
| महीना | अमावस्या तिथि |
|---|---|
| माघ अमावस्या (मौनी) | 18 जनवरी 2026 |
| फाल्गुन अमावस्या | 17 फरवरी 2026 |
| चैत्र अमावस्या | 19 मार्च 2026 |
| वैशाख अमावस्या | 17 अप्रैल 2026 |
| ज्येष्ठ अमावस्या | 16 मई 2026 |
| ज्येष्ठ (अधिक) अमावस्या | 15 जून 2026 |
| आषाढ़ अमावस्या | 14 जुलाई 2026 |
| श्रावण अमावस्या | 12 अगस्त 2026 |
| भाद्रपद अमावस्या | 11-12 सितंबर 2026 |
| अश्विन अमावस्या | 10 अक्टूबर 2026 |
| कार्तिक अमावस्या | 9 नवंबर 2026 |
| मार्गशीर्ष अमावस्या | 8-9 दिसंबर 2026 |
➡️ कुछ पंचांगों के अनुसार थोड़े तिथि-समय का अंतर हो सकता है इसलिए स्थानीय पंचांग देखें।
Q4.अमावस्या का धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व
अमावस्या को हिन्दू धर्म में अत्यंत पवित्र माना जाता है, क्योंकि अमावस्या के दिन गंगा यमुना नहाने से शरीर पवित्र हो जाता है इसलिए हिन्दू धर्म में इसे अत्यंत पवित्र माना जाता है । जो कि कुछ बात इस प्रकार है।
पितृ तर्पण और श्राद्ध
अमावस्या पर पितरों का तर्पण और श्राद्ध करना विशेष पुण्य दायक माना जाता है। कई लोग इस दिन नदी स्नान के साथ पितरों की आत्मा की शांति के लिए पूजा-समय और दान करते हैं।
ध्यान-मनन, दान-दान
अमावस्या दिन ध्यान, व्रत, दान-पुण्य और पुण्य कर्म करने के लिए उत्तम दिन होता है। मान्यता है कि इस दिन किये गए दान से विशेष फल मिलता है।
चंद्रमा की ऊर्जा और मानसिक शांति
चंद्रमा की अनुपस्थिति के कारण यह दिन ‘मन की गहराई में जाने’ का प्रतीक माना जाता है, जो आत्म-विश्लेषण और मानसिक संतुलन के लिए शुभ है।

Q5.अमावस्या पर क्या करें (सुझाव)
✔️ तर्पण या श्राद्ध करना
✔️ पवित्र नदी तट पर स्नान
✔️ दान-पुण्य देना (भाजी, वस्त्र, लोहा, अनाज)
✔️ ध्यान, व्रत, मंत्र जाप करना
✔️ शिव-चंद्र पूजा करना (यह विशेष फलदायी माना जाता है)
Q6.निष्कर्ष
अमावस्या कब है 2025 अमावस्या हर महीने में वह दिन होता है जब चंद्रमा आकाश में दिखाई नहीं देता और इसे हिन्दू धर्म में अत्यंत महत्व दिया जाता है। यह पितरों की पूजा, तर्पण, ध्यान, दान-पुण्य और आत्म-विश्लेषण का दिन होता है। 2025-26 में कई अमावस्या तिथियाँ हैं, जिनमें से पौष अमावस्या (19-20 दिसंबर 2025) हाल ही में आयी और 2026 में माघ अमावस्या (18 जनवरी 2026) मुख्य रूप से ध्यान देने योग्य है।
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